हर दिन जब सूरज सुबह सुबह
एक फूंक मार जगाता है
और तुम्हारे पहलू में
अलसायी आँखें खुलती हैं
हम देर तलक सांसें रोके
बस तुमको देखा करते हैं
और धीरे-धीरे हर पल को
मन की किताब में लिखते हैं
यादों की शक्लें देते हैं
****
जब पास नहीं होते हो तुम
उन रंग उड़ी सी यादों को
एक सपनों की अलमारी में
तह कर कर के रखते हैं
और जब तब मन की कुण्डी खोल
घंटों उनको सीने से
चिपका कर सोया करते हैं
उन भूले बिसरे लम्हों की
कोई खुशबू ढूँढा करते हैं
एक फूंक मार जगाता है
और तुम्हारे पहलू में
अलसायी आँखें खुलती हैं
हम देर तलक सांसें रोके
बस तुमको देखा करते हैं
और धीरे-धीरे हर पल को
मन की किताब में लिखते हैं
यादों की शक्लें देते हैं
****
जब पास नहीं होते हो तुम
उन रंग उड़ी सी यादों को
एक सपनों की अलमारी में
तह कर कर के रखते हैं
और जब तब मन की कुण्डी खोल
घंटों उनको सीने से
चिपका कर सोया करते हैं
उन भूले बिसरे लम्हों की
कोई खुशबू ढूँढा करते हैं

Love them... Beautiful lines!
ReplyDelete