कहीं कुछ तो सुगबुगाहट सी है
कुछ है जो
धीरे धीरे हिलता डुलता है
कुछ कहने की कोशिश करता है
कहीं पीछे मुड़ कर देखता है
लहराते हुए हाथ
लहुलुहान पैर
बरसों से जागी हुई आँखें
कुछ शब्द जो पराये हो गए हैं
उन्हें सुनने, समझने, बोलने की
कोशिश करता है
कुछ तो है
जो जिंदा है
जिंदा रहना चाहता है
कुछ है जो
धीरे धीरे हिलता डुलता है
कुछ कहने की कोशिश करता है
कहीं पीछे मुड़ कर देखता है
लहराते हुए हाथ
लहुलुहान पैर
बरसों से जागी हुई आँखें
कुछ शब्द जो पराये हो गए हैं
उन्हें सुनने, समझने, बोलने की
कोशिश करता है
कुछ तो है
जो जिंदा है
जिंदा रहना चाहता है

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