Thursday, January 19, 2012

paraya

एक पराये देश में 
एक पराया अजनबी
एक परायी जुबान बोलते बोलते 
आपके कानो में 
आपकी भाषा का एक शब्द कहता है
****
जाने कितनी देर तक
दो सृष्टियों में
दो अस्तित्व लेकर 
समय के दोनो पहियों को
काठ के एक तख्ते में 
जोड़ती रही
****
उस पराये देश का
वह पराया अजनबी
दूर, बहुत दूर 
अपने पराये कदम 
आपकी धरती पर रख रहा है
उसकी मिट्टी की खुशबु 
साँसों में भर रहा है

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