जब मिलोगे तो फुर्सत से समझाना
क्या मिला तुम्हें
सरेआम मेरा तमाशा बना कर
और ये भी समझाना
कि बनायी क्यूँ कर
ये बर्बाद सी दुनिया
नहीं रखना मेरे लिए
कोई जगह
किसी जन्नत या जहन्नुम में
ग़र सब कुछ है
तुम्हारी ही तख्लीक़
तो बताना कि कहाँ जाएँ तुमसे दूर
क्या मिला तुम्हें
सरेआम मेरा तमाशा बना कर
और ये भी समझाना
कि बनायी क्यूँ कर
ये बर्बाद सी दुनिया
नहीं रखना मेरे लिए
कोई जगह
किसी जन्नत या जहन्नुम में
ग़र सब कुछ है
तुम्हारी ही तख्लीक़
तो बताना कि कहाँ जाएँ तुमसे दूर

kamal likha hai....bahut umda
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