जाने किस पल में तारों ने
मिल कर रच डाला गीत नया
मेरी ही कविता के सारे
स्वप्नों और शब्दों को चुन कर
अब किन शब्दों में मैं तुमसे
अपने मन की हर बात कहूँ
और किन स्वप्नों के तारों को बुन कर
मन का संसार रचूँ
मिल कर रच डाला गीत नया
मेरी ही कविता के सारे
स्वप्नों और शब्दों को चुन कर
अब किन शब्दों में मैं तुमसे
अपने मन की हर बात कहूँ
और किन स्वप्नों के तारों को बुन कर
मन का संसार रचूँ
