Tuesday, January 19, 2010

मन के किसी उदास कोने में
जाने कौन सी धूप पड़ी...
जाने कितने अचीन्हे एहसासों को जगा गयी
मन को एक आदिम पीड़ा कि याद दिला गयी

Friday, January 8, 2010

आज हमने कुछ बोलते हुए बेज़ुबान देखे
अपनी हालत से ना वाकिफ़ परेशान देखे